पुलवामा हमले के शहीदों को मूव्मेंट अगेन्स्ट टेररिजम द्वारा अमर जवान ज्योति पर दी गई श्रद्धांजलि

 



नई दिल्लीः पुलवामा में आतंकवादी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए शहर उमड पड़ा है, वहीं दूसरी ओर पुलवामा जैसी धटना पर महज कैंडल मार्च निकालने से कुछ नहीं हो सकता, हमें आतंकवाद को खत्म करना होगा, इसके लिए रविवार दिनांक 24 फरवरी को मूव्मेंट अगेन्स्ट टेररिजम संस्था के सहयोग से अमर जवान ज्योति इंडिया गेट से शुरु थी  आतंकवाद के खात्मे की निर्णायक लडाई, आर्टिकल 35ए को हटाने की लडाई। अब आपको निर्णय लेना है कि आप इस अभियान का हिस्सा बनोगे इसे आगे बढाओगें या हर बार की तरह इंतजार करोगे मोमबती जलाने का।


मूव्मेंट अगेन्स्ट टेररिजम के संस्थापक राकेश सिंह ने कहा कि जला ली मोमबती, दे दी श्रद्धांजलि, कर लिया अपना अपना कर्तव्य पूरा राष्ट के प्रति, शहीद जवानों के प्रति, जो लोग नहीं दे पाएं कोई बात नहीं, आज मोमबती जला लेना और कर लेना अपनी जिम्मेदारी पूरी। वैसे क्या लगता है आपको, मोमबती जला कर पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा कर, हो गया काम पूरा, मिल गई वीर शहीदों की आत्मा को शांति। अब कोई आतंकवादी हमला नहीं होगा, अब कोई सैनिक ऐसे वे वजह  शहीद नहीं होगें। हमारे वीर सैनिक इस उम्मीद से अपना बलिदान देते है कि उनकी  शहादत आने वाला कल बदलेगा, पर होता क्या है। कहीं कोई घटना होती है और हम निकल पड़ते हैं मोमबती ले कर। जैसे मोमबती नहीं कोई मिसाइल गिराने निकले हो पाकिस्तान पर और हमारी आने वाली जनरेशन उनको क्या बोलोगे आप। की लो बेटा विरासत में कष्मीर छोड के जा रहा हूं, जैसा हमें मिला था, और जब वो सवाल करेगा कि आप तो 125 करोड भारतीय का सबसे जवान देश  थे। फिर क्या जवाब देंगे आप। बेटा हम सहनशील देश थे वो हमें सालों साल बमों से मारते रहे और हम मोमबती जलाते रहे। पर मैं नहीं हूं इतना ज्यादा सहनशील, मैं जा रहा हूं अनुच्छेद 35ए की लडाई सडक से लडने के लिए, इसके खिलाफ आंदोलन शुरू करने के लिए, क्योंकि आतंकवाद और अलगाववाद को जवाब और उसका खात्मा सीधा सीधा अनुच्छेद 35ए के खात्मे से जुडा हुआ है।