लोकसभा चुनाव में भीतर धात से निपटना होगा बड़ा मुद्दा



बुरहानपुर। किसी भी चुनाव में उस क्षेत्र के मुद्दों को लेकर प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरते हैं लेकिन खंडवा संसदीय क्षेत्र में भीतर घात और उससे निपटना भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के लिए एक बड़ा मुद्दा होगा यहां दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशियों को अपनों से नुकसान होने की पूरी संभावना है ऐसे में उनके द्वारा क्षेत्र के अन्य मुद्दों पर किस तरह ध्यान केंद्रित किया जाएगा इसका उन्हें पता नहीं भाजपा के द्वारा कांग्रेस पर विकास नहीं करने के आरोप समय समय पर लगाए जाते रहे हैं


लेकिन लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नंदकुमार सिंह चौहान पिछले 5 बार से सांसद चुनकर यहां से भेजे गए लेकिन उनके द्वारा 25 वर्षों में ऐसा कोई विकास नहीं किया गया जिसको क्षेत्र की जनता याद रखे वही 2009 से 2014 के बीच कांग्रेस के अरुण यादव यहां के सांसद रहे उनके द्वारा भी अपने कार्यकाल में कोई ऐसी बड़ी उपलब्धि इस संसदीय क्षेत्र को नहीं दी गई जिसे जनता याद रख कर उन्हें वोट करे उनके कार्यकाल में नेपा मिल को रिवाइवल पैकेज के रूप में तथा बुरहानपुर की ताप्ती मिल को करोड़ों रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई थी उसी के बलबूते पर अरुण यादव चुनावी मैदान में है। 


वहीं भाजपा के वर्तमान सांसद और अधिकृत प्रत्याशी नंदकुमार सिंह चौहान पिछले 25 वर्षों से खंडवा संसदीय क्षेत्र के सांसद रहे हैं लेकिन उनके द्वारा भी शहर के युवकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कोई ऐसे बड़े उद्योग क्षेत्र में नहीं लाए गए जिससे कि यहां के बेरोजगार युवकों को रोजगार मिल सके खंडवा संसदीय क्षेत्र के बुरहानपुर नेपानगर मे इन प्रत्याशियों की ऐसी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं रही है कि वह इस के आधार पर वोट हासिल कर सके बुरहानपुर और नेपानगर में पेयजल संकट शैक्षणिक संस्थाओं का अभाव स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव ऐसे मुद्दे हैं। 


जिन पर जनता को रोज रोना पड़ता है बावजूद इसके इस ओर इन जनप्रतिनिधियों के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया है कहने को तो बुरहानपुर जिले में 3 शासकीय कॉलेज है लेकिन इनमें स्टाफ संसाधन और फैकल्टीज के अभाव में यहां के युवकों को उच्च शिक्षा नहीं मिल पा रही है ऐसी ही स्थिति स्वास्थ्य के क्षेत्र में है बुरहानपुर जिले की पांच लाख से अधिक की आबादी है लेकिन मात्र जिला अस्पताल शहर से 4 किलोमीटर दूर है। 


वहां भी डाक्टरों सहित नर्सिंग स्टाफ संसाधन की कमी के चलते यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इन जनप्रतिनिधियों के द्वारा क्षेत्र की जनता के लिए स्वास्थ सुविधाओं में कोई विस्तार नहीं कराए गए जिससे क्षेत्र की जनता परेशान है खंडवा संसदीय क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के साथ ही निर्दलीय विधायक की पत्नी जय श्री ठाकुर चुनावी मैदान में होंगी। 


लेकिन निर्दलीय विधायक के अपने 4 माह के कार्यकाल में ऐसी कोई उपलब्धि बुरहानपुर जिले में देखने को नहीं मिली है जिसके बलबूते पर मतदाता उनकी पत्नी को वोट करेगा निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह सिंह के विधायक बनने के बाद शहर के पुराने अस्पताल में एक सिटी डिस्पेंसरी को चालू कराया गया था लेकिन यह सिटी डिस्पेंसरी भी बंद होने की कगार पर है विधायक के द्वारा यहां कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई इस का उदघाटन कर इस सिटी डिस्पेंसरी को भूल गए ऐसे में क्षेत्र की जनता उनकी पत्नी के साथ कितना न्याय करेगी। 


यह तो आने वाला समय ही बता पाएगा खंडवा संसदीय क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थाओं चिकित्सा सुविधाओं के साथ ही किसानों और बुनकरो की अनेक समस्याएं हैं बुरहानपुर जिले का मतदाता वर्षों से अपनी समस्याओं से जूझ रहा है लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है लोकसभा चुनाव 2019 के लिए यह मुद्दे चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों के लिए प्रमुख है लेकिन यहां राजनीतिक समीकरण अलग है भाजपा और कांग्रेस दोनों ही भीतरघात के डर से खौफजदा हैं और राजनैतिक पार्टीयां इसी को साधने में लगी है इस चुनाव में जो प्रत्याशी इस से निपटने में सफल होगा उसी प्रत्याशी को चुनाव में सफलता भी मिलेगी।


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