कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए राहुल गांधी राजी, लेकिन रखीं शर्तें (26-आरएस-36-ओआई)

नई दिल्ली। कांग्रेस में लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद करारी हार के बाद मचे घमासान के बीच इस्तीफे पर अड़े अध्यक्ष राहुल गांधी आखिरकार मान गए। राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बने रहने की बात मान ली है, लेकिन कुछ शर्तें भी रखी हैं।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और प्रियंका गांधी राहुल को मनाने में जुटे रहे। दूसरी ओर आज शाम कांग्रेस नेताओं की बैठक होने जा रही है जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। इससे पहले राहुल को मनाने के लिए उनकी बहन और पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी के अलावा संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट उनके घर पहुंचे।



पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि राहुल ने कांग्रेस के बड़े नेताओं की बैठक बुलाई है। बैठक शाम साढ़े चार बजे उनके घर पर होगी। राहुल पार्टी के अध्यक्ष बने रहेंगे। इससे पहले कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को राहुल से उनके घर पर मिलने की कोशिश की, लेकिन राहुल ने मिलने से इनकार कर दिया। इन सबके बावजूद राहुल ने कहा कि अब पार्टी को गांधी परिवार से बाहर किसी और को अध्यक्ष चुन लेना चाहिए।


वहीं, डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने राहुल गांधी से फोन पर बात कर उनसे अध्यक्ष पद पर बने रहने की गुजारिश की। इस दौरान राहुल ने उन्हें तमिलनाडु में कांग्रेस-डीएमके गठबंधन की जीत पर बधाई दी। सोनिया गांधी ने भी उन्हें बधाई दी।


- गहलोत से नहीं मिले राहुल
राजस्थान में सभी २५ सीट हारने के बाद कांग्रेस में छिड़ी कलह के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने पहुंचे थे, लेकिन राहुल ने उनसे मुलाकात करने से इंकार कर दिया। राहुल ने सुबह ११ बजे गहलोत को मिलने का अपॉइंटमेंट दिया था लेकिन फिर उनसे मिलने से इनकार कर दिया।


राहुल गहलोत के पुत्रमोह पर भी नाराजगी जता चुके हैं, जिसके बाद गहलोत एआईसीसी संगठन के प्रमुख केसी वेणुगोपाल से चर्चा के बाद वापस लौट गए। राहुल ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कहा था कि गहलोत और कमलनाथ जैसे नेताओं ने अपने बेटों और रिश्तेदारों को टिकट दिलाने की जिद की और वो उन्हीं को चुनाव जिताने में लगे रहे।


- वायनाड जा सकते हैं राहुल
वहीं माना जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी वायनाड लोकसभा क्षेत्र से अपनी जीत के बाद वहां के लोगों को धन्यवाद देने जाएंगे। वह अगले दो दिन के लिए वायनाड के दौरे पर जा सकते हैं। अमेठी में मिली हार के बाद राहुल का ये दौरा काफी अहम माना जा रहा है।


सूत्रों का कहना है कि राहुल के इस्तीफे को सीडब्लूसी ने अस्वीकार करते हुए कहा है कि उन्हें पार्टी में आवश्यक बदलाव करने की पूरी छूट है। इसके अलावा राज्य ईकाई भी इस बात का दबाव बना रही है कि राहुल इस्तीफा ना दें। यही कारण है कि राज्य ईकाइयों के प्रमुख पार्टी के सामने अपने इस्तीफे की पेशकश कर रहे हैं।