बिलासपुर, मेडिकल के छात्र उतरे सडक़ पर, नारेबाजी


० एक घंटे ओपीडी बंद रहा, डॉक्टरों ने मांगी सुरक्षा, प्रधानमंत्री के नाम सौपा ज्ञापन
बिलासपुर। बंगाल में जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटना से मेडिकल एसोसिएशन में गुस्सा है, पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों का समर्थन करते हुए आज शहर में भी डाक्टरों का गुस्सा फूटा।


आईएमए ने आज एक दिन की ओपीडी बंद करते हुए सुरक्षा की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। वहीं सिम्स में जूनियर व सीनियर डॉक्टर भी सडक़ पर उतरे। सिम्स में आज दिनभर हंगामा होता रहा। जूनियर डॉक्टरों ने इलाज के दौरान अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर एक घंटे तक ओपीडी बंद रखा तथा सडक़ पर प्रदर्शन किया। रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।


यहां के चिकित्सक मृदु मिश्रा, ऋषिका शर्मा, मुस्कान केशरवानी ने कहा कि हम तो मरीजों को बचाने की पूरी कोशिश करते हैं। आमजनों की मदद भी करते हैं। इमरजेंसी सेवाएं भी देते हैं। रात को भी मरीजों के लिए हर समय डॉक्टर तैनात रहते हैं लेकिन बंगाल में जिस तरह जूनियर डॉक्टरों पर हमला किया गया है उससे लगता है कि सिम्स में भी डाक्टरों की सुरक्षा होना चाहिए।


पुलिस कर्मी तैनात होना चाहिए। डॉक्टर होने के नाते हमारी पहली जिम्मेदारी मरीजों का इलाज करना होता है। हमे सुरक्षा चाहिए। इसके पहले भी सिम्स में डॉक्टरों पर हमला हो चुका है। आज डॉ.रेशम, डॉ.योगश्वर, निलय तिवारी, अंकित तिवारी आदि हड़ताल का नेतृत्व कर रहे थे।


आज सिम्स में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालाकि ओपीडी में एक घंटा काम बंद रख डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया लेकिन गंभीर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इधर दूसरी ओर १७ जून को आईएमए ने इस मामले में देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।


आईएमए के अध्यक्ष डॉ.केके जायसवाल एवं वरिष्ठ चिकित्सकों ने आज सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए एक घंटा निजी अस्पतालों में काम बंद रख विरोध प्रदर्शन किया तथा प्रधानमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा की मांग रखी।


वहीं दूसरी ओर सिम्स के चिकित्सकों ने भी जिला प्रशासन को प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बंगाल में हुई घटना की निंदा की है तथा सुरक्षा मांगी है।


मेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन की इस पहली हड़ताल में जूनियर डॉक्टर्स, इंटर्न व स्टूडेंट्स ने हड़ताल में हिस्सा लिया। एक दिन के लिए ओपीडी को बंद रखने की वजह से इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज भटब रहे हैं।



१७ को डॉक्टरों का राष्ट्रव्यापी आंदोलन
पश्चिम बंगाल में डाक्टरों की हड़ताल का मामला बिगड़ गया है। अब आईएमए यानी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने देशभर में हड़ताल का ऐलान कर दिया है। इसके तहत १७ जून को देश के सभी अस्पताल बंद रहेंगे। इस दौरान सिर्पâ इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी।


इससे पहले शुक्रवार को विभिन्न राज्यों के डॉक्टर बंगाल के डॉक्टरों के साथ आ गए। इस बीच पश्चिम बंगाल में तो १०० से ज्यादा डाक्टरों के इस्तीफे की सूचना है जिनमें से २७ तो दा जलिंग के नार्थ बंगाल मेडिकल कालेज के हैं। वही आरजीकर मेडिकल कालेज और हास्पिटल कोलकाता के १६ डाक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है।


डाक्टरों ने लिखा है कि वर्तमान हालात में हम अपनी सेवाएं नहीं दे सकते इसलिए पद से इस्तीफा दे रहें हैं। जहां एक तरफ हड़ताल जारी है वहीं मामला सरकार की परेशानियां भी कम नहीं हो रही। सिम्स एवं प्रदेश के सभी डाक्टरों ने आज बंगाल में हुए डाक्टर पर हमले के विरोध में पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया।