हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत 17797 गैस कनेक्शन वितरितः राघव शर्मा


पांच माह में 29 करोड़ रूपये की खाद्य वस्तुएं वितरित
धर्मशाला। हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत ज़िला में अब तक पात्र लाभार्थियों को 17797 गैस कनेक्शन वितरित किये जा चुके हैं। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त राघव शर्मा ने ज़िला सार्वजनिक वितरण समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अगले चरण में 15 हजार अन्य पात्र परिवारों को गैस कनैक्शन वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।



उन्होंने बताया कि जिला में कुल 4,39,237 राशन कार्ड धारक है। जिसमें से 2,72,418 एपीएल, 65249 बीपीएल कार्ड धारक है जबकि 41315 अन्त्योदय तथा 60255 प्राथमिक गृहस्थी व अन्नपूर्णा के राशन कार्ड धारक हैं। उन्होंने बताया कि 1060 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से इन उपभोक्ताओं को खाद्य वस्तुएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।



राघव शर्मा ने बताया कि जनवरी से मई, 2019 तक विभाग द्वारा लगभग 29 करोड़ रूपये की 64 मीट्रिक टन खाद्यान वस्तुएं जिनमें चावल, आटा, दालें, गन्दम, नमक, खाद्य तेल अनुदानित दरों पर उपलब्ध करवाई गईं हैं। जिसमें 39 लाख लीटर खाद्य तेल व 1301 किलोलीटर मिट्टी के तेल की आपूर्ति भी उपभोक्ताओं को अनुदानित दरों पर की गई है । इसके अतिरिक्त 34 गैस एजेंसियों के माध्यम से 4 लाख 32 हजार पंजीकृत गैस उपभोक्ताओं को रसोई गैस की नियमित आपूर्ति की जा रही है।


उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत खाद्यान्नों की कालाबाजारी सहित अन्य मामलों को रोकने के लिए विभाग द्वारा जनवरी से मई, 2019 तक कुल 3327 निरीक्षण किए गए। उन्होंने बताया कि ऐसे 122 मामलों में अनियमितताएं पाए जाने पर उनके विरूद्व कार्रवाई करते हुए 3 लाख 39 हजार रूपये का जुर्माना बसूला गया है।



एडीसी ने अधिकारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित की जाने वाली खाद्य वस्तुओं की समयबद्व उपलब्धता सुनिश्चित बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने उचित मूल्य की दुकानों से बेची जाने वाली खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता को जांचने तथा समय-समय पर विशेष निगरानी रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने उचित मूल्य की नई दुकानों को खोलने हेतु प्राप्त प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई करने हेतु विभाग को निर्देश दिए।


आंगनबाड़ी केन्द्रों व मिड डे मील के भोजन पर रखी जाए विशेष निगरानी
इसके पश्चात अतिरिक्त उपायुक्त ने जिला सतर्कता समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान तथा शिशु के जन्म के छः माह से छः वर्ष तक आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से मुफ्त भोजन प्रदान किया जा रहा है, जबकि आठवीं कक्षा तक के बच्चों को मिड डे मील योजना के तहत स्कूलों में मुफत भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है।


इसके अतिरिक्त गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जननी सुरक्षा योजना सहित अन्य योजनओं के तहत सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके विभाग के माध्यम से संचालित की जा रही योजनाओं पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों व गर्भवती माताओं को उपलब्ध करवाई जाने वाली खाद्य वस्तुओं तथा परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के भी निर्देश दिए।



जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक नरेन्द्र धीमान ने बैठक का संचालन किया । उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा खाद्य वस्तुओं की समय पर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित बनाने हेतु विशेष पग उठाए जा रहे हैं तथा समय पर उपभोक्ताओं को इन वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित बनाई गई है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर उचित मूल्य की दुकानों व अन्य निरीक्षण किये जा रहे हैं तथा भविष्य में इस अभियान को ओर तेज करने के लिए विशेष पग उठाए जाएंगे।



इस बैठक में, मेडीकल कॉलेज टांडा के सयुंक्त निदेशक (प्रशासन) कुलबीर राणा, ज़िला परिषद उपाध्यक्ष विशाल चंबियाल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के क्षेत्रीय प्रबन्धक खेम चंद सहित अन्य विभागों के अधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।