केरल मेरा उतना ही जितना बनारस : पीएम मोदी


-जीत के बाद पीएम मोदी की पहली जनसभा
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी पहली यात्रा के तहत केरल पहुंचे। यहां लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केरल मेरा उतना ही जितना की बनारस है।


इससे पहे पीएम मोदी ने केरल के त्रिसूर के गुरुवयूर मंदिर में पूजा-अर्जना की। पीएम मोदी ने गुरुवयूर की धरती को स्वर्ग जैसा बताते हुए हुए खुद को सौभाग्यशाली बताया, जिसे इस धरती पर आने का मौका मिला। पीएम मोदी ने कहा कि जनता-जर्नादन ईश्वर का रूप है, ये इस चुनाव में देश ने भलि-भांति देखा है।


राजनीतिक दल जनता के मिजाज के नहीं पहचान पाए। लेकिन जनता ने भाजपा और एनडीए के पक्ष में प्रचंड जनादेश दिया। मैं सिर झुकाकर जनता को नमन करता हूं।



मोदी ने कहा कि कई पंडितों को मन में विचार आता होगा कि केरल में भाजपा का खाता भी नहीं खुला, लेकिन फिर भी मोदी धन्यवाद करने पहुंच गए। यह मोदी की सोच क्या है? कई लोगों के दिमाग में रहता होगा। लेकिन हमारे संस्कार हैं, हमारी सोच है और हम इस मत के हैं कि लोकतंत्र में चुनाव अपनी जगह पर हैं।


लेकिन चुनाव के बाद जीतकर आने वाले कि खास जिम्मेदारी होती है 130 करोड़ नागरिकों की। जो हमें जिताते हैं वे भी हमारे हैं, जो इस बार हमें जिताने में चूक गए हैं, वे भी हमारे हैं। केरल भी मेरा उतना ही है, जितना मेरा बनारस है।"



उन्होंने रहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं और केरल के लोगों को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने लोकतंत्र के उत्सव में सक्रिय रूप से भाग लिया। जनता-जर्नादन ईश्वर का रूप है, ये इस चुनाव में देश ने भली-भांति देखा है। राजनीति दल जनता के मिजाज को पहचान नहीं पाए लेकिन जनता ने भाजपा और एनडीए के पक्ष में प्रचंड जनादेश दिया।


पीएम ने कहा, 'हम भाजपा कार्यकर्ता सिर्फ चुनावी राजनीति के लिए चुनाव मैदान में नहीं होते। हम 365 दिन अपने राजनीतिक चिंतन के आधार पर जन सेवा में जुटे रहते हैं। हम राजनीति में सिर्फ सरकार बनाने नहीं आए हैं। हम राजनीति में देश बनाने आए हैं। हमें जनप्रतिनिधि 5 साल के लिए जनता बनाती हैं।


लेकिन हम जनसेवक हैं, जो आजीवन होते हैं और जनता के लिए समर्पित होते हैं।' केरल के 7 प्रोजेक्ट लिए गए हैं। गत 5 वर्षों में भाजपा सरकार ने टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठाए, जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है।' उन्होंने कहा, 'भगवान कृष्ण के जीवन के साथ पशु-प्रेम जुड़ा रहा है।


हम देश के किसी भी कोने में जाएं, भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भारत सरकार ने इस बार मछुवारों के लिए अलग मंत्रालय बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का बीड़ा उठाया है।'


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