टांडा में जल्द मिलेगी पूर्ण विकसित डायलिसिस सुविधाः विपिन सिंह परमार


कहा......प्रदेश में शुरू होगी सम्पूर्ण स्वास्थ्य योजना
सहारा योजना'' से गम्भीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को मिलेगी राहत



धर्मशाला। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि डॉ.राजेन्द्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से जल्द ही जन-निजी भागीदारी से पूर्ण विकसित डायलिसिस सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके शुरू होने से किडनी के रोगियों को बाहर नहीं जाना पडे़गा।



विपिन परमार आज डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा के सभागार में दो दिवसीय रेबीज के खिलाफ कंसोर्टियम के 7वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। इस सम्मेलन का आयोजन सामुदायिक चिकित्सा विभाग टांडा द्वारा किया जा रहा है।


इस सम्मेलन में देशभर के 11 राज्यों के लगभग 150 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। प्रतिनिधियों में विशेषज्ञ चिकित्सा चिकित्सक, पशु चिकित्सा स्वास्थ्य विशेषज्ञ, पर्यावरण स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने सम्मेलन केे सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।



इस अवसर नगरोटा बगवां के विधायक अरूण मेहरा विशेष रूप से उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ''सम्पूर्ण स्वास्थ्य योजना'' शुरू करने जा रही है जिसके अंतर्गत प्रथम चरण में 12 स्वास्थ्य संस्थानों, जिनमें से कुछ जिला अस्पताल भी शामिल हैं को सम्पूर्ण अस्पतालों में परिवर्तित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इन अस्पतालों में सभी आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान किया जायेगा।


इनमें ऐसी व्यवस्था भी स्थापित की जाएगी जिसके माध्यम से तृतीयक स्वास्थ्य सुविधा केंद्रो को किये गए रैफरल केसिस की ऑनलाईन मॉनिटरिंग भी हो सकेगी।



स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गम्भीर बीमारियों जैसे पार्किन्सन, कैंसर, पैरालिसिस, मस्कुलर, डिस्ट्रफी, हीमोफीलिया, थैलासीमिया, रीनल फेलियर इत्यादि से ग्रस्त व्यक्तियों को स्वास्थ्य सेवाओं के अतिरिक्त निरंतर देखभाल की आवश्यकता रहती है। इनको वित्तिय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से एक नई ''सहारा योजना शुरू'' की है।


योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को वित्तीय सहायता के रूप में दो हजार रुपये प्रति माह प्रदान किये जायेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है। उन्होंने कहा कि टांडा, धर्मशाला, चम्बा, हमीरपुर, नाहन, मंड़ी में बीएससी नर्सिंग की क्लासें शुरू की जाएंगी।


उन्होंने कहा कि टांडा कॉलेज सहित सभी सिविल अस्पतालों तथा हेल्थ संेटरों में एंटी रेबीज के टीके उपलब्ध करवाए गये हैं
इस अवसर पर नगरोटा बगवां के विधायक अरूण मेहरा ने टांडा आने पर स्वास्थ्य मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों तथा बाहर से आए सभी अतिथियों को इस सम्मेलन में भाग लेने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलनों के आयोजन से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।



इस अवसर पर प्राचार्य भानू शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा विभाग द्वारा चलाई गई विभिन्न गतिविधियों बारे विस्तार से जानकारी दी।
डॉ.अनुराग अग्रवाल व डॉ.अशोक पांडा ने रेबीज के बारे विस्तार से बताया। राज्य के टीबी अधिकारी और डिप्टी एमडी एनआरएचएम डॉ.आरके बैरिया ने टीबी मुक्त हिमाचल अभियान के तहत मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना पर विस्तृत जानकारी दी।



अध्यक्ष डॉ.रमन कुमार ने जूनोसिस के प्रबंधन में प्राथमिक देखभाल के बारे में विस्तार से बताया। अध्यक्ष क्षेत्रीय टास्क फोर्स, नार्थ जोन डॉ.एके भारद्वाज ने टीबी मुक्त हिमाचल के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आरएनटीसीपी में मेडिकल कॉलेजों और नवीनतम नीति अद्यतन की भूमिका पर प्रकाश डाला।


इस दौरान डब्लयू एएचओ के सलाहकार डॉ.रविन्द्र कुमार तथा डॉ.मोहन कोहली ने भी अपने विचार रखे। राज्य एविडेमियोलॉजिस्ट और मास्टर ट्रेनर आईडीआरवी डॉ.उमेश भारती जिन्हें हाल ही में पदमश्री से सम्मानित किया गया है ने रेबीज दिशानिर्देशों के बारे में मार्गदर्शन किया।


इस अवसर पर सीएमओ डॉ.गुरदर्शन गुप्ता, एमएस डॉ.सुरिन्द्र कुमार, डॉ.सुनील रैना डीआरपीजीएम के कर्मचारी, टांडा मेडिकल कॉलेज का स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।


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