जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक सम्पन्‍न


नरसिंहपुर। अनुसूचित जाति- जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक अपर कलेक्टर मनोज ठाकुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। अपर कलेक्टर ने इस अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों में तत्परता से निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया। अपर कलेक्टर श्री ठाकुर ने अधिनियम के अधीन राहत के प्रकरणों समेत अन्य प्रकरणों की समीक्षा की। श्री ठाकुर ने कहा कि पीड़ित को तत्परता से राहत मिलना चाहिये।



बैठक में अपर कलेक्टर ने अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीडि़त व्यक्तियों को प्रदत्त राहत सहायता के प्रकरणों, अनुसंधान में लंबित प्रकरणों और अधिनियम के अधीन अभियोजन के मामलों की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिये। श्री ठाकुर ने जाति प्रमाण पत्र के अभाव में पीड़ितों के लंबित प्रकरणों के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये, ताकि लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।



बैठक में विशेष लोक अभियोजक सूर्यप्रताप सिंह, जिला लोक अभियोजन अधिकारी विनोद कुमार परोहा, डॉ. एआर मरावी, अजाक थाना की सविता राठौर, समिति के सदस्य नंदराम मेहरा, जालम सिंह ठाकुर, काशीराम ठाकुर, सीताराम रैकवार, प्रहलाद सिंह पटैल, समिति के अन्य सदस्य, जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग रेखा पांचाल और अन्य अधिकारी मौजूद थे।



बैठक में बताया गया कि एक फरवरी 2018 से 3 जुलाई 2019 तक की स्थिति में अत्याचार से पीडि़त व्यक्तियों को आर्थिक सहायता में आकस्मिकता राहत नियम- 7 के प्रावधानों के तहत अनुसूचित जाति से संबंधित 82 प्रकरणों में एक करोड़ 17 लाख 18 हजार 750 रूपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई, जबकि अनुसूचित जनजाति से संबंधित 46 प्रकरणों में 55 लाख 50 हजार रूपये की सहायता राशि मंजूर की गई।


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