कोर्ट ने पूछा, पीड़ित मां-बेटी के पत्र को कितने दिनों में किया फॉरवर्ड (31आरएस14ओआई)

नई दिल्ली। उन्नाव रेप केस में पीड़ित परिवार की तरफ से दो सप्ताह पहले सुप्रीम कोर्ट के जज को भेजे गए पत्र के बारे में चीफ जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से रिपोर्ट मांगी है कि रजिस्ट्री को यह लेटर मिलने के बाद इस लेटर को रजिस्ट्री ने कितने दिनों में आगे फॉरवर्ड किया है।


चीफ जस्टिस ने रजिस्ट्री से पूछा कि १२ जुलाई को भेजी गई चिट्ठी उनके पास बढ़ाने में देर क्यों हुई? रजिस्ट्रार जनरल से पीड़ित परिवार की चिंताओं पर एक नोट भी पेश करने को कहा है। उन्नाव रेप पीड़ित के एक्सीडेंट के बाद ये पत्र सामने आया था। बता दें उन्नाव रेप की पीड़िता और उसकी मां ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सहित सात लोगों के पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने आरोपियों के गुर्गों के द्वारा धमकाने का आरोप लगाया था। पत्र के जरिए पीड़िता की मां और पीड़िता ने एक बार फिर इंसाफ की गुहार लगाई है। ये पत्र १२ जुलाई को लिखा गया है, इस पत्र में पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोपियों द्वारा सुलह न करने पर जेल भिजवाने की धमकी का जिक्र किया है।



- न्याय के लिए ७ लोगों को भेजा पत्र
१२ जुलाई २०१९ को लिखे गए इस पत्र को पीड़ित परिवार की तरफ से यह पत्र सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, प्रमुख सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ में सीबीआई के प्रमुख और पुलिस अधीक्षक (उन्नाव) को यह पत्र भेजा गया है।



- परिजनों को दी थी धमकी
उन्होंने पत्र में लिखा कि ७ जुलाई २०१९ को आरोपी शशि सिंह के पुत्र नवीन सिंह, विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई मनोज सिंह सेंगर, कुन्नू मिश्रा और दो अज्ञात व्यक्ति द्वारा घर आकर धमकी दी गई। पत्र में सुलह न करने की स्थिति में फर्जी मुकदमे में फंसाकर सभी को जेल भेजने की धमकी दी गई।


पत्र में लिखा कि आरोपियों के गुर्गों ने कहा कि हमने जज खरीदकर कुलदीप सिंह और शशि सिंह की जमानत मंजूर की है और तुम सब को फर्जी मामले में जेल की सजा कराकर जेल में सड़ा देंगे। पत्र में ८ जुलाई का भी जिक्र किया है, जिसमें कहा कि आरोपी शशि का पति भी घर आया और सुलह करने पर जोर दिया और ऐसा न करने पर उसने भी फर्जी मामले में फंसाकर जेल में डालने की धमकी दी।


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