हवाई अड्डों पर बढ़ते आतंकी खतरों से निपटने सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

-अपना रही आधुनिक तकनीक, एयरपोर्टों के अंदर चाल-ढाल पर नजर
नई दिल्ली। देश के हवाई अड्डों पर संभावित आतंकी खतरों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई है।


वे अब आधुनिक तकनीक अपना रही हैं। भारतीय हवाई अड्डों पर अब ऐसा सिस्टम लगाने की तैयारी है, जिससे किसी के चेहरे के हावभाव और चाल-ढाल को देखकर ही खतरे का अंदाजा लगाया जा सकेगा। हवाई अड्डों की सुरक्षा संभालने वाली सरकारी एजेंसी बीसीएएस यह खास ट्रेनिंग दिलाएगी। सिक्यॉरिटी एजेंसी ने इंग्लैंड और अमेरिका से ह्यूमन बिहेवियर डिटेक्शन ट्रेनिंग मॉड्यूल के लिए संपर्क किया है।


बीसीएएस के जॉइंट डायरेक्टर जनरल ज्योति नारायण के मुताबिक, इस ट्रेनिंग में सिखाया जाता है कि अगर कोई संदिग्ध अपने साथ विस्फोटक या कोई हथियार लेकर आया है तो उसके हावभाव कैसे होंगे, एयरपोर्ट में एंट्री के समय उसकी चाल और बॉडी लैंग्वेज किस तरह की होगी।


इस ट्रेनिंग के साथ एयरपोर्ट पर सुरक्षा घेरा भी मजबूत किया जाएगा। एयरपोर्ट पर जैविक और रासायनिक हथियारों का पता लगाने वाले उपकरण लगाने की भी योजना है। खुफिया अलर्ट है कि एयरपोर्ट का स्टाफ भी खतरा बन सकता है। ऐसे में देश के हवाई अड्डों पर काम करने वाले करीब डेढ़ लाख कर्मियों के बैकग्राउंड की जांच होगी।


अभी तक केवल दिल्ली का पता देने वालों की ही पुलिस वेरिफिकेशन होती थी। सभी एयरपोर्ट पर दो साल में बॉडी स्कैनर लगाने का लक्ष्य है। आतंकी ड्रोन को भी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं, इससे निपटने के लिए खतरा बने ड्रोन को हवा में ही हैक करने और बड़े ड्रोन से पकड़ने की तकनीक पर भी विचार हो रहा है। 


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