गडकरी ने कहा, जुर्मानों से कमाई करना नहीं चाहती सरकार, नियमों को अनिवार्य करने के लिए 

नई दिल्ली। ट्रैफिक रूल के उल्लंघन को लेकर जुर्माने के नए कानून पर मचे बवाल के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस लेकर गुरुवार को बयान दिया।


गडकरी ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने में भारी वृद्धि का फैसला कानून का पालन अनिवार्य बनाने के लिए किया गया है, न कि सरकारी खजाने को भरने के मकसद से। दरअसल, इस महीने से जुर्माने की रकम 30 गुना तक बढ़ने और सजा की अवधि में भी इजाफे का नया नियम लागू किए जाने पर कोहराम मचा हुआ है। बंगाल, तेलंगाना, राजस्थान, मध्यप्रदेश के साथ-साथ गुजरात ने बढ़ी हुई दर पर जुर्माना वसूलने से इनकार कर दिया है।



गडकरी ने देश में सड़क दुर्घटनाओं से हो रही मौतों का जिक्र कर कहा कि बहुत से लोग हैं जिनके लिए कड़े जुर्माने के बिना ट्रैफिक रूल कोई मायने नहीं रखता है। उन्होंने कहा कि जुर्माना बढ़ाने का फैसला काफी समझ-बूझकर और विभिन्न पक्षों से सलाह लेकर लागू किया गया है। गडकरी ने कहा,यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण सड़क पर हो रही मौतों की संख्या बहुत ज्यादा है।


जुर्माने में कई गुना वृद्धि का फैसला विभिन्न पक्षों से सलाह के बाद सामूहिक तौर पर लिया गया। सरकार इन जुर्मानों से कमाई करना नहीं चाहती है। यह सिर्फ उल्लंघन की घटनाएं रोकने के लिए है। गडकरी ने साफ किया कि अबतक यातायात नियमों का बहुत कम पालन होता रहा है। उन्होंने आगे कहा, सरकार जुर्माने की सीमा बढ़ाने की इच्छुक नहीं है। सरकार चाहती हैं कि ऐसा वक्त आए जब एक भी व्यक्ति को जुर्माना नहीं देना पड़े और हर व्यक्ति कानून का पालन करे।'



दरअसल,1 सितंबर को संशोधित मोटर वीइकल एक्ट,1988 लागू होने के बाद से भारी-भरकम जुर्माने के चालान कटने की कई घटनाएं सामने आ रही हैं। गुरुग्राम पुलिस ने गुरुवार को एक ट्रैक्टर ट्रॉली ड्राइवर को कई नियमों के उल्लंघन के आरोप में 59 हजार का चालान काट दिया। इसके पहले,2 सितंबर को गुरुग्राम में ही एक स्कूटी चालक पर विभिन्न मामलों में 23 हजार का जुर्माना लगाया गया था।


स्कूटी चालाक ने यह कहकर जुर्माना भरने से इंकार कर दिया था कि उसकी स्कूटी की कीमत ही मात्र 15 हजार है। बुधवार की ही बात है जब एक ऑटो ड्राइवर को नशे की हालत में ड्राइव करने, ड्राइविंग लाइसेंस सहित जरूरी दस्तावेज नहीं होने के कारण 47,500 रुपये का चालान काटा गया।


गौरतलब है कि संसद ने मोटर वाहन एक्ट ,1988 में संशोधन प्रस्ताव को जुलाई में पास किया था।इसके बाद अगस्त महीने में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन (अमेंडमेंट)एक्ट ,2019 की अधिसूचना जारी की थी। हालांकि, इस 1 सितंबर से लागू किया गया। यह अलग बात है कि तेलंगाना और राजस्थान जैसे राज्यों में नया कानून अब भी लागू नहीं किया गया है। 


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