रांची, कांग्रेस की नीति और नीयत दोनों में खोट था-नरेंद्र मोदी


गुमला में चुनावी जनसभा को संबोधित किया
रांची। भाजपा नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पहले कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सरकारें चाहे यहां रही हो या दिल्ली में, उनकी नीति और नीयत दोनों में खोट था। प्रधानमंत्री सोमवार को डालटनगंज के बाद गुमला के फुग्गु एयरपोर्ट मैदान में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे।



नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ लोग नक्सलवादियों को अपनी राजनीति के लिए उपयोग भी करते थे और फिर उनके खिलाफ लड़ाई का दिखावा भी करते थे। उन्होंने कहा कि वे नक्सलवाद की चुनौती को खत्म करने में भी  इसलिए सफल हो पा रहे हैं, क्योंकि उनकी नीयत साफ है और वे  बहुत ईमानदारी से प्रयास रहे हैं।


उन्होंने कहा कि 2014 में जब वे यहां आये थे,  तब और आज की यहां की स्थिति में बहुत अंतर है। तब यहां नक्सलवाद का, असुरक्षा का और आए दिन होने वाली हिंसा का मुद्दा छाया रहता था। झारखंड सरकार ने, सुरक्षा बलों ने और आप सभी ने इतना सराहनीय कार्य किया है कि अब ये क्षेत्र भय के वातावरण से करीब करीब मुक्त हो चुका है। बीते 5 वर्षों में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार ने पूरे तालमेल के साथ नक्सलवाद की समस्या का समाधान करने की तरफ कदम बढ़ाए हैं।


उन्होंने कहा कि गुमला के वीरों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया है और आज भी देश की सीमाओं पर और नक्सलवादी इलाकों में लोगों की सुरक्षा में यहां के युवा लगे है। उन्होंने कहा कि जो भटके हुए नौजवान वापस मुख्यधारा में आना चाहते हैं, उनके लिए भी खुले दिल से प्रयास किए गए है।  उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें, चाहे वो यहां रहीं हों या दिल्ली में, उन्होंने यहां के क्या हाल किए थे, उसका गवाह गुमला जिला है। इस जिले को नक्सल प्रभावित मानकर अपने हाल पर छोड़ दिया गया था, इसे पिछड़ा मानकर यहां के अफसरों को और भी हताश कर दिया था। 



नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा ने गुमला जिले को उन 112 जिलों में शामिल किया, जो विकास की गति में थोड़ा पीछे रह गए थे। सरकार  इन जिलों को पिछड़ा नहीं आकांक्षी जिला कहा।



प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा की नीति एकदम साफ है,  पार्टी के  लिए झारखंड का जन-जन और कण-कण एक समान है। सबका साथ, सबका विकास भाजपा सरकार का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि  भाजपा की सरकार एक तरफ झारखंड की नई छवि को देश और दुनिया तक पहुंचाने में जुटी है, वहीं कांग्रेस और झामुमो के लोग झारखंड की छवि को धूमिल करने में जुटे हैं। वे चाहते हैं यहां निवेश आए, यहां रोज़गार के नए अवसर बनें, यहां के युवाओं को बाहर ना जाना पड़े, लेकिन कांग्रेस और उसके साथी झारखंड को बदनाम करने में जुटे हुए हैं।



उन्होंने कहा कि झारखंड को बदनाम करने वाली कांग्रेस और झामुमो की सोच को हमें मतदान करके, पोलिंग बूथ में जाकर, कमल का बटन दबाकर समाप्त करना है।  उन्होंने कहा कि पढ़ाई, कमाई, सिंचाई और दवाई हर व्यक्ति को सुलभ हो इसके लिए काम किया जा रहा है ।  नरेंद्र मोदी ने कहा कि  जब गरीब की, आदिवासी की चिंता करने वाली, उसकी परेशानी को दूर करने वाली सरकार होती है तो काम जमीन पर नजर आता है।


आज गरीब अपने घर का सपना देख पा रहा है, क्योंकि किसको घर मिले, ये अब किसी नेता के हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में छोटे-छोटे घर होते थे। हमने सब बदल दिया है। घरों का आकार भी बढ़ाया है। उसमें शौचालय से लेकर बिजली, रसाई गैस की सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाती हैं। सिर्फ चार दीवारें नहीं, स्वाभिमान के साथ जी सकें ऐसा घर बनाया जाता है।



प्रधानमंत्री ने कहा कि  भाजपा का ये संकल्प है कि 2024 तक देश के हर घर को जल से जोड़ना है। जैसे हर घर में शौचालय बनाने का काम सफलता से पूरा किया गया है, उसी तरह हर घर तक जल पहुंचाना है।। इस मिशन का बहुत बड़ा लाभ हमारे आदिवासी समाज को मिलने वाला है। झारखंड में गरीबों के लिए घर इतनी तेजी से इसलिए बन पाए क्योंकि यहां रांची में भी और दिल्ली में भी भाजपा की डबल इंजन सरकार थी। ऐसे में 2022 तक सभी गरीबों को अपना घर देने का प्रयास भी रांची और दिल्ली का साझा है। 



उन्होंने कहा कि  किसानों के साथ-साथ भाजपा की सरकार जंगलों पर आश्रित आदिवासी भाई-बहनों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए पूरे समर्पण भाव से काम कर रही है। आदिवासी समाज के स्वास्थ्य, सम्मान और समृद्धि के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। जनजातीय समाज के बच्चों और युवाओं की पढ़ाई और कौशल विकास के लिए भी बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। इसी वर्ष झारखंड से ही एकलव्य मॉडल स्कूल का बड़ा नेटवर्क स्थापित करने का अभियान शुरू हुआ है।


नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार थी तब उन्होंने न सिर्फ इस प्रदेश का निर्माण किया बल्कि आजादी के बाद पहली बार जनजाति समुदाय के लिए अलग से मंत्रालय बना, अलग से बजट स्वीकृत किया।  भाजपा की सरकारों ने हमेशा से आदिवासी नेतृत्व और उनकी प्रतिभा को सिर्फ सम्मान ही नहीं दिया बल्कि आगे भी बढ़ाया है। ये सिर्फ राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक ही सीमित नहीं है, संवैधानिक व्यवस्थाओं में भी आदिवासी समुदाय को भाजपा ने अवसर दिया है।



उन्होंने कहा कि वनों में रहने वालों की प्रेरणा ने तो प्रभु श्रीराम को भी मार्ग दिखाया था। आप कल्पना कीजिए राम जब अयोध्या में तो राजकुमार राम थे और जब 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या गए तो मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम बन गए।  क्योंकि 14 साल श्रीराम ने वन में आदिवासियों के बीच गुजारे थे।



उन्होंने डालटनगंज की जनसभा की तरह एक बार फिर दोहराया कि  कांग्रेस और उसके साथियों ने राम जन्म भूमि पर क्या किया, कैसी राजनीति की गई, कैसे समाज को बांटा गया। इन लोगों ने अपने वोटबैंक की खातिर इस विषय को लगातार लटकाए रखा, इसका फैसला नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि देश का हर शांतिप्रिय नागरिक हमेशा इस बात को याद रखेगा कि कैसे कांग्रेस ने इस विषय पर राजनीति की, लोगों में दरारें पैदा कीं।


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